अमेरिका से सामरिक रिश्ते बढ़ाएगा भारत

नई दिल्ली
अगले सप्ताह महाशक्ति अमेरिका और 53 सदस्यों वाले राष्ट्रमंडल के साथ भारत अपनी
कूटनीति को नया आयाम देगा। अमेरिका से आपसी सामरिक रिश्तों को नई गहराई देने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शनिवार को वॉशिंगटन के लिए रवाना होंगे। इसके बाद वह त्रिनिदाद की राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन में राष्ट्रमंडल सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ भारत के अभियान को मजबूत करेंगे।

ओबामा-मनमोहन मुलाकात 24 को: राष्ट्रपति ओबामा के पहले राजकीय अतिथि के तौर पर आमंत्रित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की राष्ट्रपति बाराक ओबामा से 24 नवंबर को बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ सहयोग के लिए सहमति के एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर शिखर बैठक की महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। यह समझौता आतंकवाद के खिलाफ भारत अमेरिका साझा लड़ाई को नई ताकत देगा, लेकिन परमाणु सहयोग समझौते के बाकी बचे मसलों को प्रधानमंत्री के दौरे में अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद नहीं है।

जारी होगा साझा बयान: सूत्रों के मुताबिक ओबामा-मनमोहन बातचीत के बाद राजनीतिक और सामरिक मसलों पर सहयोग को और पुख्ता बनाने के लिए दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक महत्व का एक साझा बयान भी जारी किया जाएगा जो दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी को नया आयाम देगा।

एटमी करार का मुद्दा : सूत्रों ने प्रधानमंत्री के अमेरिका दौरे के बारे में बताया कि दोनों देशों के आला अधिकारी परमाणु समझौते की बारीकियों के बारे में बातचीत जल्द पूरा करेंगे और इस पर समझौता कुछ दिनों के भीतर होगा। हालांकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक अमेरिकी दैनिक से इस आशय की उम्मीद जाहिर की है कि दोनों देश परमाणु सहयोग समझौते के बाकी मसलों को जल्द सुलझा लेंगे। इनमें परमाणु ईंधन की रिप्रोसेसिंग और एनरिचमेंट टेक्नॉलजी का अधिकार हासिल करना शामिल है। इन मसलों पर जल्द ही कोई सहमति होने की उम्मीद सूत्रों ने जाहिर की। इनके अलावा बाराक ओबामा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मौजूदगी में दोनों देशों के रिश्तों को व्यापक आधार देने के लिए आपसी महत्व के कई अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे जिससे दोनों देशों के बीच जनता स्तर पर सहयोग और रिश्तों को नया आयाम मिलेगा।

खुलेंगे कई नए आयाम: इन समझौतों में शामिल है सिंह-ओबामा ज्ञान पहल, नवीकरणीय ऊर्जा पर सहयोग के लिए सहमति के ज्ञापन, बौद्धिक सम्पदा अधिकार, कृषि आदि में परस्पर सहयोग। सूत्रों ने कहा कि साठ के दशक में जिस तरह अमेरिका ने भारत की हरित क्रांति में मदद की थी इसी तरह भारत में पर्यावरण, ऊर्जा उत्पादन और कृषि के क्षेत्र में एक नई हरित क्रांति का सूत्रपात ओबामा- मनमोहन बातचीत के दौरान किया जाएगा।

अफ-पाक नीति पर चर्चा: ओबामा और मनमोहन की 24 नवंबर को वाइट हाउस में बातचीत के दौरान अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मसले पर खासकर बातचीत होगी। आतंकवाद के मसले पर भारत अपनी चिंताएं जाहिर करते हुए पाकिस्तान में आतंकवादी ढांचे को तोड़ने में अमेरिकी सहयोग पर चर्चा होगी। यहां विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि अमेरिका की नई अफ-पाक रणनीति की सफलता में भारत के हित जुड़े हैं। इसलिए इस पर भी विस्तार से मनमोहन सिंह ओबामा से बातचीत करेंगे।

राष्ट्रमंडल सम्मेलन 27-28 को: प्रधानमंत्री अमेरिका दौरा के बाद त्रिनिदाद की राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन में हो रहे राष्ट्रमंडल सम्मेलन में भी भाग लेने जाएंगे। यह सम्मेलन 27 और 28 नवंबर को होगा। सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के भाग नहीं लेने की रिपोर्टें हैं। राष्ट्रमंडल सम्मेलन में भी आतंकवाद के खिलाफ भारत अपनी कूटनीति जारी रखेगा। इस मसले पर 53 सदस्यों वाले राष्ट्रमंडल शिखर बैठक से भी एक साझा बयान जारी होगा।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: