पैसों के लिए अब्बा ने मुझे बेच दिया


वाशिंगटन, एजेंसी : पाकिस्तानी आतंकी मुहम्मद अजमल अमीर इमान उर्फ अजमल कसाब ने कहा है कि उसके अब्बा ने उसे पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को बेच दिया था। टेरर इन मुंबई शीर्षक वाली टीवी डाक्यूमेंटरी में यह खुलासा किया गया है। इस डाक्यूमेंटरी में मुंबई हमले के दौरान आतंकियों और पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं के बीच फोन पर हुई बातचीत के ऐसे टेप भी शामिल हैं, जिन्हें पहले कभी नहीं सुना गया। इसके साथ ही पुलिस और अजमल के बीच बातचीत के वीडियो फुटेज भी हैं। पिछले साल 26 नवंबर को मुंबई हमले के दौरान दस पाकिस्तानी आतंकियों में से सिर्फ अजमल ही जिंदा पकड़ा गया था। अजमल और उसके एक साथी ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर गोलीबारी कर 50 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी थी। टेरर इन मुंबई डाक्यूमेंटरी गुरुवार को एचबीओ चैनल पर प्रसारित होगी। इसमें अजमल से पूछताछ का ब्यौरा इस तरह है:- सवाल-तुम लश्कर-ए-तैयबा से कैसे जुड़े? अजमल- उन लोगों ने बहुत पैसे दिए थे। अब्बा ने कहा कि हमें भी पैसे चाहिए। हम और गरीब नहीं रहना चाहते। पैसे होने पर तुम्हारे भाइयों और बहनों की शादी हो पाएगी। इन लोगों को देखो, अच्छी जिंदगी जी रहे हैं। तुम भी इनकी तरह हो सकते हो। क्या तुम्हारे अब्बा ने ऐसा कहा? अजमल- हां, मैंने जो कुछ कहा बिल्कुल सही कहा। तुम्हारे अब्बा क्या करते हैं? अजमल- वह फेरी लगाकर खाने-पीने का सामान बेचते हैं। सवाल- उन्होंने तुम्हें लश्कर के हवाले कैसे किया? क्या उन लोगों (आतंकियों) ने तुम्हारे बैंक खाते में पैसे डाले? अजमल- मेरा कोई खाता नहीं है। उन्होंने अब्बा को पैसे दिए थे। सवाल- कितने पैसे दिए? अजमल- मुझे नहीं मालूम। कुछ लाख हो सकते हैं। पूछताछ में एक जगह अजमल बताता है कि आतंकियों को किस तरह प्रशिक्षण दिया जाता है। पुलिस- तुम्हें कितने दिनों तक प्रशिक्षण दिया गया? अजमल- तीन माह का। मेरे साथ 24-25 लोग थे। पुलिस- वे कहां के थे? अजमल- उन्होंने यह नहीं बताया। मैं सिर्फ एक के बारे में जानता हूं। वह लाहौर का था, उससे मेरी दोस्ती हो गई थी। पुलिस- क्या वे तुम लोगों को आपस में बातचीत नहीं करने देते थे? अजमल- हमें एक-दूसरे से बात करने की मनाही थी। इस पर बहुत सख्ती बरती जाती थी। जब प्रशिक्षण पूरा हो जाता था तो वे कहते थे कि यह लड़का अब तैयार है। पुलिस- जिन लोगों की तुम हत्या करते थे, क्या तुम्हें दया नहीं आती थी? अजमल- आती थी, लेकिन वे कहते थे कि तुम्हें बड़ा आदमी बनना है और जन्नत में जगह पानी है तो ऐसा करना होगा। डाक्यूमेंटरी में ट्राइडेंट ओबेराय होटल के बाथरूम में छिपे एक अन्य आतंकी फहदुल्ला और पाकिस्तान में बैठे उसके आका की भी बातचीत है। पाकिस्तान में बैठा आतंकियों का आका फहदुल्ला से कहता है- याद रहे, तुम्हें किसी भी हाल में गिरफ्तार नहीं होना है। फहदुल्ला! मेरे भाई क्या तुम बाहर निकलकर लड़ सकते हो? फहदुल्ला की कमजोर आवाज सुनाई देती है- मेरे पास ग्रेनेड नहीं हैं। दूसरी तरफ से निर्देश आता है- घबराओ नहीं। बहादुर बनो, भाई। तुम्हारा अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो इसके लिए तुम्हें जान देनी होगी।

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