हम दोनों ने अपने पिता खोए, उनके सपने नहीं


शहीद इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार के बच्चों से मिलकर कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का अपना गम भी छलक पड़ा। ढाढ़स बंधाते हुए कहा-मैं तुम्हारा दर्द समझता हूं। मैंने भी यह दर्द झेला है। एक आत्मघाती हमले में अपना पिता खोया है। झारखंड दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को राहुल गांधी रांची में फ्रासिंस इंदवार के घर जा पहुंचे। नक्सलियों ने तालिबान की तरह क्रूरता दिखाते हुए अपहरण के बाद छह अक्टूबर को फ्रांसिस इंदवार का सिर कलम कर दिया था। राहुल करीब 15 मिनट तक फ्रांसिस के घर रुके। इस दौरान उनकी पत्‍‌नी सुनीता इंदवार और तीनों बच्चों से मुलाकात की। बच्चे कक्षा पांच, छह और सात में पढ़ते हैं। अभिषेक से मु्रखातिब राहुल ने कहा-हम दोनों ने पिता खोया। लेकिन उनके सपने नहीं। अभिषेक ने भी उसी तर्ज में जवाब दिया-मैं भी पिता की तरह पुलिस में जाकर उग्रवादियों से मोर्चा लूंगा। राहुल ने बच्चों से कहा, पढ़ाई जारी रखो। पढ़ाई, पढ़ाई और पढ़ाई। अपना लक्ष्य तय करो कि समाज को दिशा दे सकने वाला इंसान बनो। राहुल ने सुनीता इंदवार से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सुनीता ने बताया कि उनके पति को छह महीने से वेतन भी नहीं मिल रहा था। उनका अपहरण हुआ तो डीजीपी से लेकर सारे अधिकारियों से मिलीं,लेकिन कुछ नहीं हो सका। राहुल ने शासन-प्रशासन द्वारा दी गई सहायता की भी जानकारी ली। सुनीता ने बताया कि राज्यपाल ने नौकरी दी, बच्चों के नाम किसान विकास पत्र दिया है। अन्य राशि के भुगतान का आदेश दिया है। राहुल ने फिर पूछा, यहां उग्रवाद क्यों है। कैसे खत्म होगा यह। सुनीता ने कहा, समाज के अंतिम व्यक्ति तक राशन व अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंच जाए तो यह खुद मिट जाएगा। रांची में पत्रकारों से बात करते हुए काग्रेस महासचिव ने कहा- कुछ हिस्सों को छोड़ कर, पूरे भारत की स्थिति अच्छी है। झारखंड, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में सरकारें लोगों तक नहीं पहुंच पाई हैं। इसलिए यहां नक्सल समस्या सबसे ज्यादा है। वैसे, यह समस्या सिर्फ यहीं नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में है। राहुल गांधी ने कहा कि जिन राज्यों की सरकारें जनता तक नहीं पहुंच पाई, वहां विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हुई और नक्सली समस्या बढ़ीं। इससे निपटने के लिए राज्य सरकारों को लोगों के बीच जाकर बातचीत करनी चाहिए। उन्हांने कहा, देश में दो हिंदुस्तान है। एक गांवों में रहने वाले गरीबों का, जिनके पास अवसर नहीं और दूसरा अमीरों का, जिनके पास अवसर ही अवसर हैं। हमारी कोशिश इन दोनों को जोड़ने की होनी चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है, यह भी देश के अन्य राज्यों की तरह भारतीय राज्य है। यहां पर भी युवा कांग्रेस का चुनाव उसी तरह होगा जैसे अन्य राज्यों में किया जा रहा है। नरेगा से संबंधित सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां यह नरेगा योजना काफी सफल हो रही है, किंतु गैर कांग्रेसी राज्यों की सरकार इसे ठीक ढंग से लागू नहीं कर रहीं। यूपी सरकार ने तो नरेगा को बेकार योजना कहकर लागू करने से मना कर दिया। केंद्र का काम है, योजना बनाना और पैसा देना। बाकी काम राज्य सरकारों का करना है।

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