एक और नोबेल पर भारत का नामलंदन, एजेंसियां : दुनिया के प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार के साथ भारतीय मूल के एक और शख्स का नाम जुड़ गया है। भारतीय मूल के अमेरिकी वेंकटरमन रामकृष्णन ने नोबेल पुरस्कार जीत कर दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है। उन्हें रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने के लिए वर्ष 2009 का नोबेल पुरस्कार मिलेगा। उन्हें इस पुरस्कार के लिए अमेरिकी वैज्ञानिक थामस ए. स्टेट्ज और इजरायल की वैज्ञानिक अदा ई. योनथ के साथ संयुक्त रूप से चुना गया है। इन तीनों को राइबोसोम की संरचना और इसकी कार्यप्रणाली के संबंध में महत्वपूर्ण अध्ययन के लिए यह सम्मान दिया जाएगा। रायल स्वीडिश एकेडेमी आफ साइंसेज की ओर से यह घोषणा की गई। एकेडेमी के मुताबिक तीनों वैज्ञानिकों ने राइबोसोम का त्रिविमीय (3-डी) माडल बनाया, जिससे यह पता चला कि किस तरह विभिन्न एंटीबायोटिक और राइबोसोम आपस में जुड़े रहते हैं। वेंकटरमन ने थामस और योनाथ के साथ मिल कर राइबोसोम के बारे में कई उपयोगी … एक और नोबेल पर भारत का नाम जानकारियां इकट्ठी कीं, जिनकी मदद से कई बीमारियों से बचाव के लिए एंटीबायोटिक बनाने में मदद मिली। इन तीनों ने एक्स-रे क्रिस्टलोग्राफी तकनीक से उन लाखों परमाणुओं की गतिविधियों का अध्ययन किया जो हमारे शरीर की कोशिका में प्रोटीन का निर्माण करने वाले राइबोसोम का निर्माण करते हैं। भारी प्रतिष्ठा और रकम : रसायन विज्ञान के क्षेत्र में इस अद्भुत योगदान के लिए तीनों वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार के रूप में 14 लाख अमेरिकी डालर (करीब सात करोड़ रुपये) मिलेंगे। यह रकम तीनों में बराबर-बराबर बंटेगी। इसके साथ ही इन वैज्ञानिकों को जो प्रतिष्ठा मिलेगी, वह तो अनमोल है। साथियों का आभार : वेंकटरमन ने इस पुरस्कार के लिए अपने साथी वैज्ञानिकों और सहयोगियों का आभार जताया है। अति मुदित वेंकटरमन ने कहा, मैं अपने प्रखर सहयोगियों, छात्रों और मेरे लैब में काम करने वाले तमाम शोधकर्ताओं का तहे दिल से ऋणी हूं, क्योंकि विज्ञान सामूहिकता से जुड़ा क्षेत्र है। लैब या नोबेल विजेताओं की फैक्ट्री : अपने मित्रों के बीच वेंकी नाम से लोकप्रिय वेंकटरमन इन दिनों कैंब्रिज, इंग्लैंड के एमआरसी लेबोरेटरी आफ मोलेक्यूलर बायोलाजी के स्ट्रक्चरल स्टडीज डिवीजन के प्रमुख हैं। वह नोबेल पुरस्कार पाने वाले इस लेबोरेटरी के तेरहवें वैज्ञानिक हैं। 69 साल की स्टेट्ज येल यूनिवर्सिटी में मोलेक्यूलर बायोफिजिक्स एंड बायोकेमिस्ट्री विभाग में प्रोफेसर हैं, जबकि योनाथ इजरायल के वेजमैन इंस्टीट्यूट आफ साइंस में स्ट्रक्चरल बायोलाजी विभाग में प्रोफेसर हैं।

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