चाचा भतीजे में आगे निकलने की होड़



( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- सिरसा जिले की डबवाली विधानसभा सीट का तेजाखेड़ा चौक..यहां से एक सड़क चौटाला गांव की तरफ जाती है और दूसरी पंजाब के अबोहर फाजिल्का-बठिंडा की ओर। आधा शहर पंजाब में पड़ता है और आधा हरियाणा में..चौटाला गांव की ओर जाने वाली सड़क पर चाय की कई दुकानें हैं..चौक के दाई तरफ अस्थायी बस स्टैंड बना है..उसके पास ही इनेलो के प्रधान महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य अजय चौटाला के चुनाव प्रचार का बोर्ड टंगा है तो बगल में मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के ओएसडी रहे डा. केवी सिंह का बोर्ड है.. साइड में भाजपा की रेणु शर्मा के चुनाव प्रचार का बोर्ड दिखाई पड़ता है.. पास ही रवि चौटाला का काफी छोटा बोर्ड नजर आ रहा है। तेजाखेड़ा चौक के दाई तरफ नजर पड़ते ही महसूस होता है कि डबवाली में चुनाव हो रहा है, मगर अबोहर फाजिल्का रोड पर ऐसा कोई नजारा नहीं है। यह हिस्सा पंजाब का माना जाता है। डबवाली के मतदाता दो हिस्सों में बंटे हैं। पता नहीं लगता कि कौन डबवाली विधानसभा सीट का वोटर है और कौन नहीं। बात करने पर अहसास होता है कि पंजाब की साइड में रहने वाले लोग डबवाली के मतदाता नहीं हैं, लेकिन जो मतदाता हैं, उनकी यहां के चुनाव में बेहद रुचि है। चौटाला गांव की ओर जाने वाली सड़क पर चाय की दुकान में पांच-छह आदमी बैठे हैं। उनके हाथ में अखबार है। कुरेदने पर बोले, डबवाली में गजब का मुकाबला है। कांग्रेस के केवी सिंह रिश्ते में चाचा हैं तो इनेलो के अजय चौटाला उनके भतीजे। बीच में रवि ने भी टांग अड़ा रखी है। आजाद चुनाव लड़ रहे रवि अपने चचेरे भाई अजय और केवी के खानदान से ताल्लुक रखते हैं। डबवाली के प्रेम नगर में रहने वाले मदनलाल को कांग्रेस पर इसलिए गुस्सा है, क्योंकि उनके परिवार के सदस्यों के पीले कार्ड रद कर दिए गए हैं। मदनलाल बोला, गोलगप्पे की रेहड़ी से जीवन बसर हो रहा है। पीले कार्ड पर राशन मिल जाया करता था, थोड़ा काम चल जाता था, मगर अब वह भी नहीं रहा। किसी का बीपीएल का कार्ड नहीं बन रहा है। पेंशन बंद हो गई है। समझ में नहीं आता क्या होगा। रिमालिया खेड़ा गांव के कृष्ण लाल की मानें तो डबवाली हमेशा इनेलो का गढ़ रहा है। बरसों बाद यह सीट ओपन हुई है। पहले यहां से रिजर्व सीट पर डा. सीता राम चुनाव जीतते रहे हैं। वह भी चौटाला गांव के हैं। डबवाली में अब कुछ गांव रोड़ी के आ गए तो कुछ गांव आसपास के जुड़े हैं। हलका ओपन होने के बाद अजय चौटाला को खुद चुनाव लड़ने का मौका मिला तो लोग उत्साहित हैं। डबवाली के साधू राम ने बात आगे बढ़ाई। साधू बोला, यहां कोई समस्या नहीं है। केवी सिंह सीएम के नजदीकी हैं, लेकिन डबवाली में आज तक रेलवे पुल की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। डबवाली का रेलवे फाटक अक्सर बंद रहता है। सरकार में रहते हुए भी जब कोई काम नहीं कर सकता तो कोई भी जीते, किसी को क्या फर्क पड़ता है। डबवाली गांव के दर्शन और गोरीवाला के सुरेश को बढ़ती महंगाई की चिंता है। उनके अनुसार पूरे प्रदेश में सूखा पड़ा, लेकिन किसी ने डबवाली की ओर आकर झांका तक नहीं है। वोट के लिए हर कोई गली-गली घूम रहा है। लोग वोट उसी को देंगे, जिसमें राज करने की ताकत होगी। उनका इशारा अजय चौटाला की तरफ था। राजपुरा के अरनेक ने बात काटते हुए कहा, शहर में जोर केवी सिंह है, उसका यहां पेट्रोल पंप भी है, तभी रत्ताखेड़ा का अजैब बोला, खाली पेट्रोल पंप से क्या होगा, पूरा इलाका और गांव ही चौटाला का है। रामगढ़ के पहल सिंह की मानें तो डबवाली में कोई चुनावी मुद्दा नहीं है। डबवाली में सिर्फ चौटाला और केवी सिंह में से किसी एक की जीत, यही मुद्दा यहां काम करेगा। चुनाव की इस चर्चा के बीच रवि चौटाला की रिक्शा प्रचार करते हुए जब आगे बढ़ी तो लोग बोले, सारी वोट कांग्रेस की खराब होंगी। भाजपा की रेणु शर्मा, हजकां के कुलदीप भांभु और बसपा के प्रीत मोहिंदर का चुनाव यहां चर्चा में भी दिखाई नहीं पड़ रहा है। यह अलग बात है कि पोस्टरबाजी में भाजपा की रेणु इनेलो के अजय चौटाला और कांग्रेस के केवी सिंह को छोड़कर बाकी प्रत्याशियों में कहीं आगे हैं। डबवाली में अगर डंका है तो इनेलो का। बाकी दलों में दूसरे नंबर पर आने की होड़ मची है।

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