हरियाणा कमेटी ने गुरुद्वारा कब्जाया


डबवाली,( डॉ सुखपाल सावंत खेडा) कुरुक्षेत्र हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने का विवाद अब गुरुद्वारों में कब्जे तक पहुंच गया है। रविवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) ने सैकड़ों हथियार बंद सिखों के साथ धावा बोल गुरुद्वारा छठी पातशाही का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया। भीड़ ने परिसर में स्थित तमाम कार्यालयों के ताले तोड़ दिए तथा मोर्चाबंदी कर गुरुद्वारे के दोनों प्रवेश द्वार बंद कर दिए। तनाव के मद्देनजर गुरुद्वारे व आसपास भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई है। आईजी केके सिंधु, उपायुक्त पंकज अग्रवाल और एसपी केवी रमणी ने मौके पर पहुंच एचएसजीपीसी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा से बात की। गुरुद्वारे पर कब्जे को कलंक बताते हुए एसजीपीसी (सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी) और अकाली दल ने इस घटना के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। डेरा कारसेवा में रविवार सुबह एचएसजीपीसी की प्रदेश स्तरीय बैठक शुरू होते ही पूर्व निर्धारित योजना के तहत सैकड़ों सिख हाथों में तलवारें, भाले और लाठियां लेकर गुरुद्वारा छठी पातशाही की ओर निकल पड़े। अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा की अगुआई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गुरुद्वारे के दोनों प्रवेश द्वारों पर मोर्चेबंदी कर दी। इसके बाद इसके बाद झींडा भीड़ के साथ दरबार साहिब पहुंचे और श्रीगुरु ग्रंथ साहिब में माथा टेका और जयकारे लगाए। उनके निर्देश पर दरबार साहिब भवन के दोनों द्वार बंद कर दिए गए। इसके बाद झींडा ने अपने साथियों के साथ मशविरा किया। एसजीपीसीसदस्य व एचएसजीपीसी के महासचिव दीदार सिंह नलवी, सदस्य बलदेव सिंह खालसा और खुशपाल सिंह इस मुहिम में शामिल नहीं हुए। सूचना पाकर पुलिस गुरुद्वारे पहुंची, लेकिन सिख कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। एसपी केवी रमणी के आने पर ही द्वार खोले गए। रमणी ने झींडा को मनाने की कोशिश की, परंतु वह अपने रुख पर कायम रहे। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तेजेंद्र पाल सिंह ढिल्लों और हरभजन सिंह मसाना ने मौके पर पहुंच एचएसजीपीसी की कार्रवाई पर विरोध जताया। झींडा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, एसजीपीसी 40 साल से जबरन गुरुद्वारों का प्रबंधन संभाल रही है। हरियाणा की संगत ने अपने गुरुद्वारे का प्रबंधन खुद संभाल लिया है। पंजाब से आए कर्मचारी यदि उनके अधीन कार्य करना चाहते हैं तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं वरना वे वापस जा सकते हैं। एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क ने कहा कि एचएसजीपीसी ने लुटेरों की तरह गुरुद्वारे पर कब्जा किया।

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