मनुष्यों से न डरने वाला विशालकाय चूहा

डबवाली(डॉ सुखपाल सावंतखेडा)

एक कार्यक्रम के लिए फ़िल्म बना रहे एक दल को इस चूहे का पता चला है

पपुआ न्यू गिनी के घने जंगलों में एक नई प्रजाति का विशालकाय चूहा पाया गया है जो इंसान से नहीं डरता और दुनिया भर में अभी तक चूहों की ज्ञात प्रजातियों में सबसे बड़ा है.

इस चूहे की लंबाई मुँह से पूँछ तक 82 सेंटीमीटर है और इसका वज़न लगभग डेढ़ किलोग्राम है. एक कार्यक्रम ‘लॉस्ट लैंड ऑफ़ द वोल्कैनो’ के लिए फ़िल्म बना रहे एक दल को यह चूहा मिला है.

इस जाँच दल को अपने इस खोज अभियान के दौरान और भी अदभुत चीज़ें मिली हैं लेकिन यह चूहा उन सबमें बिल्कुल चौंकाने वाला है.

समझा जाता है कि चूहे की यह प्रजाति सिर्फ़ बोसावी पहाड़ी इलाक़ों में ही बसती है और यह दुनिया में कहीं और नहीं पाई जाती है.

खोजी दल के साथ मौजूद रहे पशु विशेषज्ञ डॉक्टर क्रिस्टोफ़र हैलजैन का कहना था, “यह दुनिया भर के सबसे बड़े चूहों में से एक है. यह सही अर्थों में चूहा है, बिल्कुल वैसा ही जैसा आप किसी शहर की नालियों में देखते हैं.”

शुरू में इस चूहे को एक इन्फ्रारैड कैमरे के ज़रिए देखा गया जिसे कैमरामैन गॉर्डन बुचानन ने ज्वालामुखी के ढलान पर मौजूद जंगलों में लगाया था.

प्रकृति इतिहास इकाई की टीम ने कैमरे के ज़रिए देखा कि यह चूहा विशाल आकार का है जो जंगल में खुला घूम रहा है. टीम के सदस्य इस चूहे के आकार को देखकर आश्चर्यचकित रह गए.

उन्हें तुरंत विचार आया कि हो सकता है कि ये चूहा ऐसी प्रजाति का हो जिसे विज्ञान की दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा लेकिन वे यह सुनिश्चित करने के लिए उस चूहे को जीवित देखना चाहते थे.

बस उसके बाद खोजी दल ने जंगल से वाकिफ़ पेशेवर लोगों के साथ तलाश शुरू की और इस चूहे का पता लगा लिया.

बिल्ली जैसा

डॉक्टर बुचानन का कहना था कि उनके पास एक बिल्ली है और वो लगभग इसी चूहे के बराबर है. इस शरीर पर घने बाल हैं जो उसे सर्दियों में भी जीवित रखने में मदद करते हैं.

खोजी दल इस चूहे को देखकर चकित और प्रसन्न था
आरंभिक तौर पर इस चूहे को ‘बोसावी वूली रैट’ नाम दिया गया है लेकिन इसे एक वैज्ञानिक नाम देने के लिए सहमति बनाने की कोशिशें की जा रही हैं. फ़िलीपीन्स में भी ऐसी प्रजाति के चूहे पाए जाते हैं जिनका वज़न दो किलोग्राम तक हो सकता है.

माउंट बोसावी में किसी ज़माने में ज्वालामुखी सक्रिय थे और यह पपुआ न्यू गिनी के दक्षिण ऊँची पहाड़ियों में पड़ता है. यह काफ़ी दूरदराज़ का इलाक़ा है और यहाँ बहुत कम मनुष्य जा पाए हैं.

यह इलाक़ा तरह-तरह के चूहों की प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध है. अक्सर शिकारी इन चूहों का शिकार करते हैं और उसे खाते हैं.

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